हे राष्ट्र के प्रहरी, हे वीर जवान,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
कर दिए प्राण तुम राष्ट्र के नाम
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
तुम्हारा शौर्य, अरि में भय है
तुम्हारी जय, राष्ट्र की जय है।
तुम्हारी वीरता से ही अमन है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
देश की रक्षा में तुम जीते,
देश के लिये हो मर मिटते।
राष्ट्र हेतु तुम्हारा तन मन है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
आंधी और तूफान से लड़कर,
कंकड़ और काँटों में चलकर,
किया सुरक्षित धरा गगन है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
करता चाहे वॉर वो छुप के,
करते खट्टे दांत तुम रिपु के।
तुम तो निश्चित शत्रु दमन है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
टूट पड़ते पंचानन की भांति,
राष्ट्र पर जब आपदा आती।
तुमसे विपदाओं का गमन है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
तुम हो तो है भारत का गौरव,
तुमसे फैला राष्ट्र का सौरभ।
गौरवान्वित सारा जन गण है,
तुम्हें हमारा कोटि नमन है।
- एस० डी० तिवारी
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