Hindi Haiku 12 Oct Poem by S.D. TIWARI

Hindi Haiku 12 Oct

उठा तूफान
टी वी समाचारों में
तेज उफान

पवन चक्की
फेंकती ज्यादा पानी
तूफ़ान फँसी

पिस जाता है
दो जबड़ों के बीच
अन्न का दाना

जिला जेल में
सुधार कार्यक्रम
वी आई पी बंद

लील जाएगी
सिंधु तट की हवा
डरी डरी सी

मन की चिंता
तूफान का भविष्य
क्या क्या खोएगा

तूफ़ान वही
तबाही ही तबाही
नाm पृथक

बाद की शांति
सब बहा ले गया
मन में व्यथा

नीबू का बीज
दांतों से बचकर
पेट अंदर

Dekh raha
took took tufan
ghar ka hote

ट्रक पे लदा
जड़ समेत वृक्ष
तूफ़ान गया

बिजली जाती
सड़क से होकर
उखड़ा खम्भा

कोई तूफ़ान
कितना भी बड़ा हो
चला जाता है

Saturday, October 11, 2014
Topic(s) of this poem: hindi
COMMENTS OF THE POEM
Gajanan Mishra 11 October 2014

very fine, I like it, thanks,

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success