Hindi Haiku Jeebh Poem by S.D. TIWARI

Hindi Haiku Jeebh

ऊपरी होंठ
जीभ धकेल रही
मूंछ मुड़ाई

जीभ बेचारी
दातों को रगड़ती
जूठन फंसा

बाढ़ में डूबी
सी सी करती जीभ
मुंह में मिर्च

गरम प्याला
जली जल्दी के मारे
बेचारी जीभ

जीभ चाहती
रूक रूक उतरे
भोजन नीचे

लगा तो गयी
छुपी दातों के पीछे
बावरी जीभ

जीभ बहाती
झर झर झरना
हलवा देख

Saturday, October 11, 2014
Topic(s) of this poem: hindi
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