सारा जहां कर रहा तलाश है वह स्वयं के ही पास Poem by Kavyaras ByPreksha

सारा जहां कर रहा तलाश है वह स्वयं के ही पास

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सारा जहां कर रहा तलाश है वह स्वयं के ही पास
जी हां वह है सुकून शांति अमन सुख चैन जो खो गया है जीवन की आपाधापी में
कर दिया सबको बेचैन कहां जाएं कैसे खोजें क्या क्या करें प्रयास
कैसे मिलेगा बाहर जो है स्वयं के पास
अंतर मन को टैटू ले समस्या की मूल जड़ है वहां
मूल को पकड़ लगे तो पहुंचोगे वहां सुकून है जहां
अतिरिक्त आकांक्षाओं का बोझ जब होने लगे भारी
समझ लो जीवन में अशांति के प्रवेश की पूरी है तैयारी

POET'S NOTES ABOUT THE POEM
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COMMENTS OF THE POEM

Exactly, dear poet! Sant Kabir has said "Tera Sayee Tujhmein.." and Shrimad Bhagawat Gita says "Uddharet Aatman Aatmanam…" great piece of poetry. Top score, dear poet

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