मंद मंद मुस्कान
Wednesday, July 31,2019
7: 32 AM
मंद मंद बिखेरते हो मुस्कान
यह नहीं इतना आसान
हम तो समज लेते है सान में
लगता है आ गई जैसे नै जान स्मशान में।
नहीं समज पाए हम उसका रहस्य
क्यों बिखेरा उन्हों ने हास्य?
यह तो एक पहेली हो गई
मने में कई सवाल जगा गई।
हमें भास् हुआ खजाने का
उनके खुलकर हसने का
क्या हो सकता है उसका मतलब?
बस लगी रही मन में तलप!
हंसने का नहीं होता कोई तात्पर्य
बस रखे रहो धेर्य
शान्ति का नहीं कोई पर्याय
बस हँसते रही यही है उपाय।
मानव जिवन बस खिलखिलाता रहे
सबको तहे दिल से हंसाता रहे
ना हो मन में कोई भी कडवाहाट
और ना हो कोई चिंता या उचाट।
हमें उत्तर मिल गया
छिपे हुए रहस्य का पता लग गया
मुस्कान ही है सफलता की चाबी
असली मुस्कान की यही तो है खूबी।
हसमुख मेहता
Courtesy: Catherine Dye
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हमें उत्तर मिल गया छिपे हुए रहस्य का पता लग गया मुस्कान ही है सफलता की चाबी असली मुस्कान की यही तो है खूबी। हसमुख मेहता Courtesy: Catherine Dye Hasmukh Amathalal