अधूरा जवाब Poem by Pushp Sirohi

अधूरा जवाब

तेरे जाने के बाद कुछ भी न था
बस ये दिल था जो तन्हा रह गया

मैंने चाहा था तुझे आख़िरी बार
वो भी एक अधूरा सपना रह गया

अब भी ख़ामोश बहुत रहता है पुष्प
जैसे कोई जवाब अधूरा रह गया

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