तेरे जैसा कोई नहीं Poem by Pushp Sirohi

तेरे जैसा कोई नहीं

तेरे जैसा कोई चेहरा नहीं
इस दिल को अब कोई सहारा नहीं

हमने माना कि तुझे पाना नहीं
पर तुझसे बेहतर भी कोई चाहा नहीं

जो भी समझेगा मुझे ग़लत शायद
कह देगा पुष्प — ये सब झूठ नहीं

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