इश्क़ या सौदा Poem by Pushp Sirohi

इश्क़ या सौदा

मैंने इश्क़ समझा, उसने सौदा
मैं हार गया, वो जीत गई

उसकी दुनिया पूरी हो गई
मेरी दुनिया वहीं छूट गई

अब हर रिश्ता डर लगता है
क्योंकि भरोसा टूट चुका है

अब दिल भी सोच-समझ कर चलता है
ये जानता है पुष्प

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