एक सोच का जादू Poem by Pushp Sirohi

एक सोच का जादू

एक सोच का जादू है,
जिसने दुनिया बदल डाली।
पहले सपना जन्मा मन में,
फिर बन गई नई कहानी।

पहिया भी पहले एक सोच था,
उड़ना भी एक कल्पना थी।
हर खोज, हर नई मंज़िल,
किसी मन की साधना थी।

सोचो तो राह निकल आती,
सोचो तो पर्वत झुक जाते।
सोचो तो अनजान चेहरे भी,
एक परिवार बन जाते।

सोचो तो सब साथ चलें,
न सोचो तो कुछ भी नहीं।
मन जब सीमाएँ तोड़ दे,
असंभव फिर रहता नहीं।

नफ़रत भी एक सोच से जन्मे,
प्रेम भी मन की रोशनी है।
जैसी सोच हम बोते हैं,
वैसी ही जीवन की धनी है।

तो सोच बदलो, दिशा बदलो,
अपने भीतर दीप जलाओ।
एक अच्छी सोच जगाओ दिल में,
और दुनिया को बेहतर बनाओ।

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