! ! आखिरी सांस! ! Poem by Rajnish Rajan

! ! आखिरी सांस! !

Rating: 5.0

बेचैन आहट, करवट बदलती यादें,
सूनसान रात और उसकी जुदाई।
तड़पती धड़कन, बहकती मेरी सांसें,
प्यासा प्रेमी और मैं....... इश्क में पागल।

रूह शबाब थी...... आज शराब है,
बेपरवाह.............. मेरी कशिश है।
धधकती अभिलाषा थी................,
और आज......... फफकते आँसू हैं।

सिसकती सुनामी, ...... और गहराती प्यास,
रूहानी अल्फ़ाज़ और........ उसकी कहानी।
मेरी तबियत.... और.......... सबब की आँधी,
घायल........... संगीत हो गया हूँ मैं..........

कैसे.....? ..... बेवफा कहूँ उसको,
फ़लसफ़ा... ना ही सही......... इश्क का।
बेगैरत वो तो नहीं................
वक्त ने दोनों को ज़िंदा तबाह किया।

इंतज़ार...... वो भी करती होगी,
करवटें...... एहसास ढूँढती होगी।
नज़रें उसकी आसमाँ फिरती होंगी,
वो शायद मुझसे रूबरू होती होगी।

मुकम्मल प्यार में होना...............
कहाँ....... सभी के तक़दीर में होता है।
इश्क समंदर है, ........ प्यार आसमाँ है,
मोहब्बत........... अगर...... गुनाह है,
तो मुझे भरी महफ़िल में टाँग दो यारो।

अरे महफ़िल के लोगों...........,
क्या.....! ........ तमाशा बनाया है।
जिंदा......... तबाह हुआ हूँ......,
हम प्रेमी को... जिंदा..... तो दफ़नाओ।

खामोशी और इस महफ़िल की,
बेगैरत तुम सब हो.....................
बेवफा तुम्हारी सोच है...............
........... हमने तो प्यार किया था।

उसे सामने तो लाओ ऐ ठेकेदारों,
देखूँ... क्या हस्र बनाया है उसका।
दोनों को.... ज़िंदा दफ़ना दो यारो,
सुकून की नींद चाहता हूँ..........।।

नब्ज़ काफ़िर हो गई..............,
.......... इल्तज़ा करते - करते।
नज़्म में........... अब नब्ज़ कहाँ?
आह से....... आज भी वफ़ा करता हूँ।

शिकवे हैं................... हमारे यारो,
अब....... शिकायत की इंतहा न लो।
नब्ज़.......... अब..... ठहर रही है मेरी,
मेरी सांसों... से................ अब...संवाद.......कर......लो................।

COMMENTS OF THE POEM
Joseph Cimanuka 26 April 2026

Very good

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