Ramayan Ki Naari अहिल्या (Hindi) Poem by S.D. TIWARI

Ramayan Ki Naari अहिल्या (Hindi)

अहिल्या शिला से हो गयी नारी
बड़ी है प्रभु की लीला न्यारी

ऋषि गौतम के शाप से बनकर
पड़ी रही वो वर्षों तक पत्थर
आकर राम ने उसको तारी
अहिल्या ...

पा रही थी, किये की सजा वह
पत्थर रूप में, धूप बारिश सह
बन गए राम उस के उपकारी
अहिल्या ...

जैसे ही छुई वह, चरण राम की
चमक गयी राह, परम धाम की
राम भजी और, परलोक सुधारी
अहिल्या ...


एस० डी० तिवारी

Thursday, November 17, 2016
Topic(s) of this poem: epical,hindi
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