आज लिखने का मन Poem by Sankhajit Bhattacharjee

आज लिखने का मन

आज लिखने का मन नहीं कर रहा है।
हमेशा दिल की बात लिखनी होती है, दिल सच्चा है, कहे रहा है।

मन ने दिल को पूछा, 'क्या काम है'?
दिल ने बताया, 'मन को सही और गलत सिखाने का काम है'।

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