बाहर की बात जो बाहर रखता और घर की बात घर में, वह ज्ञानी।
समाज पथभ्रष्ट करता है और घर दिखाता है सही दिशा, युग की वाणी।
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बाहर की बात जो घर में लाता और घर की बात को बाहर ले जाता, वह गुणी।
समाज समय पर शिक्षा देता है और बंद घर सोच को छीन लेता है, नियति की वाणी।
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