लोग कहते हैं,
‘जो सिर्फ अपने बारे में सोचता है,
वह हिटलर है'।
माता पिता बोलते हैं,
‘पहले खुद को प्यार करना सीखो,
अगर खुद को प्यार नहीं कर सकोगे
तो तुम इस दुनिया में किसी को प्यार नहीं कर पाओगे'।
शिक्षक उपदेश देता है,
‘अगर खुद नहीं जीवित रहोगे
तो समाज को कैसे बचाओगे'।
मैं जानता हूं,
‘अगर मैं सही तो सब सही
और अगर हर व्यक्ति सिर्फ अपने बारे में सोचे
तो सब सही'।
लेकिन फिल्म में बोला है,
‘मैं और तुम'।
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