Shayari Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari

बीवी के लिए एक नीति और बेटी के लिए अलग नीति।
बीवी घर पर बैठकर खाना पकाएगी और बेटी करेगी नौकरी, क्या स्थिति।
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बीवी बाहर मत जाएगी, लेकिन बेटी घूमेगी बाहर।
बीवी ससुराल की बातें सुनेगी, लेकिन बेटी नहीं मानेगी अनाचार।
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जो मैं चाहता था, उससे कम मिला; जो मैं चाहता था, उससे ज्यादा मिला।
आप समाज का कल्याण कर पाए या नहीं, यह बड़ी बात है, कौन पूछेगा क्या मिला और क्या नहीं मिला।
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मुझे जो मिला, उसे लेकर खुश हूं मैं।
मेरी क्षमता ने मुझे एक उपहार दिया है, इसलिए किसी को पूछता नहीं हूं मैं।
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एक हाँगर को कभी बीमारी नहीं होती, उसे लोग शिकार करते हैं पंखों के लिए।
जो समुद्र का हर एक जीवन को खा लेती है, उसे सही रास्ते से कभी मारना नहीं चाहिए।
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सांप का जहर एक घोड़ा को मार नहीं सकता।
गति को समय के अलावा कोई रोक नहीं सकता।
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आप क्या बनना चाहते थे और क्या बने हैं, यह मैं नहीं पूछ रहा हूं।
आप समाज को क्या दिए- मैं सिर्फ समाज में आपका मूल्य के बारे में पूछ रहा हूं।
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आपके पास घर, कार और बैंक बैलेंस है; लेकिन मेरे पास वे क्यों नहीं हैं, प्रश्न यह नहीं।
प्रश्न यह है- जो चीज़ें आप समाज से लिए हैं, उन चीजों को आप समाज से क्यों अलग रखे हैं, बताएं सही।
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