Shayari Page 10 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 10

आंधी आयी थी आज बारिश के साथ।
एक छतरी के नीचे दो, हाथों में हाथ।
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प्यार बारूद की तरह जान ले सकता है।
इंतज़ार आग की तरह जला सकता है।
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वक्त कभी झूठ नहीं बोलता, लेकिन प्यार बोल सकता है।
इंसानियत समय की तरह सच है, लेकिन इंसान हमेशा झूठा होता है।
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हर इंसान झूठा नहीं होता।
झूठ सिर्फ वह बोलता है, जिसका दिल छोटा और दिमाग बड़ा होता।
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दिमाग छोटा है या बड़ा, कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता।
दिल हमेशा बड़ा होना चाहिए, ज्ञानी आदमी यही कहता।
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अगर सूरज नहीं होता तो रोशनी मिलती कहाँ से?
अगर औरत नहीं होती तो मर्द आता कहाँ से!
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प्रतियोगिता प्रतिभा को दबा देती है।
ऊपर बैठने का लालच में हम ज़मीन को बिलकुल भूल जाते हैं।
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आदमी को बताना आता है, इसलिए वह बोलता है।
सिर्फ अपनी चिंता में ध्यान दो, कुत्ते भी तो भौंकते हैं।
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