किसी को तुम पसंद नहीं करते हो, उसे समझने मत दो।
दिखाना कि तुम उसके पास हो, लेकिन उससे दूर रहो।
...
बेवकूफ आदमी हमेशा टकराता है।
चालाक आदमी बिना बात किए सिर्फ अपना काम करता है।
...
बंदूक से निकली हुई गोली से सिर्फ खून बह सकता है।
लेकिन क़लम से निकला हुआ शब्द खून गरम करता है।
...
पुरुष को ग़ुस्सा आता है, कायर को कभी नहीं।
कायर अपने आप को ख़तम करता है, लेकिन पुरुष जीतता है सही।
...
जिस दिन खुद को चलाओ गे, समझो तुम बन गए राजा।
अगर दूसरे आकर चलाएंगे तुम्हें तो समझो जीवन में खो गया मज़ा।
...
जो लिख सकता है, उसे ज्यादा बोलना नहीं आता।
जो ज्यादा बोलता है, वह ज्ञानी नहीं होता।
...
दूसरे की बात पर नहीं, अपने आप में खुश रहो।
अपने में आप को देखो, कहो दूसरे को।
...
चलते रहो, कोई रोक नहीं पायेगा।
अगर तुम रुक गए, वह आकर पूछेगा।
...
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem