Shayari Page 2 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 2

जिंदगी नाव है, समय मांझी।
बहता हूँ मैं, लहर की आवाज़ सुनो जी।
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लोग कहते हैं प्यार के साथ कविता जुड़ी है।
प्यार जिंदगी का दूसरा नाम और जिंदगी कविता का रूप है।
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बहुत लोगों का प्यार टूट जाता है।
जीवन के साथ प्यार होता है समय का, यही प्रगति है।
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जिंदगी का मैदान में कितना सारा नायकों खेलता हैं।
लेकिन सिर्फ एक विजेता इतिहास लिखता है।
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खुद को समझाओ, किसी को समझाना मुश्किल।
समय अदालत है, और वक्त वकील।
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कोरोना घातक है, लेकिन दरिद्रता नियति।
रोग में मरे बहुत, अब भूख की अगन में आत्माहुति।
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रिश्ता लहर की तरह।
उठता है, गिरता है, टूटता है धारा।
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घर में अगर लक्ष्मी है, तो सब कुछ है।
धन उनकी रूप और संपदा उनकी रूह है।
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