Shayari Page 20 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 20

हम आये थें एक दिन, जाना भी हैं एक दिन।
सिर्फ चलता हूँ, बहती हवा में नीरस बीन।
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सच्चा इंसान दिल के साथ अपना मन को जोड़ लेता है।
दिल और मन अगर अलग रहते हैं तो इंसान खो जाता है।
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नौकरी छोड़ो मत।
पहली बार वह खुद आती है, दूसरी बार भी, लेकिन तीसरी बार वह देती है पीछे से एक लात।
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ह्रदय हमेशा एक बात ही कहता है, जीते रहो।
मन की सोच ही सब कुछ गोलमाल कर देती है।
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सही वक्त पर काम अपने से ही हो जाता है।
जो विजेता, वह पहले कोशिश न कर के, इंतज़ार में रहता है।
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पिछले ज़माना गुज़रा दूसरे की सोच में।
यह ज़माना सिर्फ मेरा है- अगर मैं सुखी तो दूसरे भी ख़ुशी में।
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मशीन के पार्ट्स अगर ख़राब हो गए, बदल लो।
शरीर के पार्ट्स अगर ख़राब हो गए, संभाल लो।
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खेलो, मन का विकास होगा।
हंसो, दिल मजबूत होगा।
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