Shayari Page 22 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 22

तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन हो तुम।
कोई दुश्मन तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं सकेगा, अगर सही रहोगे तुम।
...
बेवकूफ़ आदमी बिलकुल सोचता नहीं, पागल ज्यादा सोचता है।
जो अपनी सोच और वास्तव स्थिति के बीच संतुलन रखता है, वही जीवन में सफल बनता है।
...
अगर विश्वास में तर्क न हो तो आंखें अंधी हो जाती हैं।
अगर काम में भक्ति न हो तो जीवन की दिशा खो जाती है।
...
योगी समझता है संसार का मतलब मृत की जलती चिता।
गृहस्थ को पता है साधना का मतलब पवित्र रूपी अमृता।
...
अपने आप को कोई बदल नहीं सकता।
आधुनिकता के सामने परंपरा झुक जाती- समय सबको बदल देता।
...
कुटिल मन संबंधों को कभी सीधा नहीं होने देता।
दृष्टि हमेशा टेढ़ी बनती, सीधा देखने की कोशिश करें जितना।
...
सिर्फ नौकरी मिलने के लिए परीक्षा पास मत करो, पढ़ाई को प्यार करना सीखो।
ज्ञान में जो रस है, प्रेमी का हृदय में उतना नहीं, आँखें खोलकर देखो।
...
जानवर हिंसक होता है, लेकिन इंसान चालाक।
इंसान जानवर को बंदी करता है- बुद्धि ने हृदय में बहता हुआ खून को बोली, 'तलाक'।
...

COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success