Shayari Page 26 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 26

किसी की जगह कोई ले नहीं सकता।
इस ज़माने में भी महान होना चाहिए, जैसे पुराने ज़माने में था।
...
इंसान मरने के बाद भगवान बन जाता।
जीवित दशा में कोई उसकी प्रतिभा और योग्यता को पहचान नहीं पाता।
...
यह मत पूछो क्यों नहीं मिला।
सिर्फ यह देखो क्या मिला।
...
जो ज्यादा पूछता है, वह मुर्ख नहीं, वह जानना चाहता है।
मुर्ख तो वह है, जो सब जानने का नाटक करता है।
...
जो सब समझ कर बैठा है, वह गिरने बाला है।
जो कभी संतुष्ट नहीं होता, वह विजय की माला पहनता है।
...
गुलाब की तरह औरत।
सुगंधित पंखुड़ियों के अंदर छिपे हुए हत्यारा काँटे- ऐसी हक़ीक़त।
...
सुंदरता एक भयंकर रूप।
जो जीता, वह राजा; जो आत्मसमर्पण किया, वह बेवकूफ़।
...

COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success