कुछ कुछ लोग हैं, जो किसी का सुख देख नहीं पाते।
वे बीमार हैं अंदर से और बोलतें हैं जानवरों की बातें।
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कुछ कुछ इंसान ऐसे होते हैं, जो किसी की भलाई नहीं चाहती।
वे बुरे हैं अंदर से, इसलिए उन्हें दूसरों की धिक्कार मिलती।
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ज़िंदगी में रुकना मना है।
अगर नहीं रुके तो सोचेगा कैसे।
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मरी ज़िंदगी रुक जाएगी अगर मैं रुक गया।
मुझे चलना है, बाहर से, अंदर से भी, तभी तो समय फैलेगा।
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जब हाथ में कोई काम नहीं होता, दिमाग भी काम करना छोड़ देता।
जब हाथ में काम आ जाता है, दिमाग पकड़ लेता समय का दोस्ताना।
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काम करने वाले को अगर काम नहीं मिलता, तो वह पागल बन जाता।
अगर कोई कामचोर को ज्यादा काम मिल गया, तो वह गुनहगार बनता।
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समय को जो संभाल सकता है, वह ज़िंदगी में आगे बढ़ता।
समय दिल की धड़कन की तरह हमेशा जुड़ा रहता है जीवन के साथ और कभी उसे छोड़ नहीं पाता।
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वह बिलकुल खत्म हो जाता, समय का बंधन से जो निकल नहीं पाता।
समय खुद चलता है, लेकिन दूसरे को कभी चलने नहीं देता।
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