पैसा सब कुछ खरीद भी सकता है, खरीद नहीं भी सकता है।
जिनके पास पैसा है, उनकी इनसानियत ही बताएगी कि पैसा क्या कर सकता है।
...
जनम से पता नहीं चलता कौन पंडित और कौन मेहतर है।
इंसान का व्यवहार ही बताता है कि वह समाज का किस स्तर पर है।
...
अंतिम वक्त सबका आता है, लेकिन समय कभी ख़तम नहीं होता।
जिंदगी दो दिन की, लेकिन अमर विजेता।
...
मेरी जिंदगी की फिल्म में भी बॉक्स ऑफ़िस फैक्टर।
मैं ऐक्टर, किस्मत प्रोड्यूसर और समय डायरेक्टर।
...
कंक्रीट का जंगल में हम सब जानवरों।
शेर कहाँ मिलेगा, हम सब लोमड़ियों।
...
फूलों का रंग छा गया है मन में, लहर की आवाज़ उठी है दिल में।
दिन में सूरज, रात में चंद्रमा, रोशनी जिंदगी में।
...
भाषाओं सब एक हैं, भावना में अंतर।
खून सबका लाल है, इनसानियत पत्थर।
...
प्यार खुद आता है, उसे बुलाना नहीं पड़ता।
किस्मत में लिखा है समय का पता।
....
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem