माँ हथनी का बच्चा जब खो जाता है, उसकी जो हालत होती है,
समय का काम जब समय पर नहीं होता तो मन की स्थिति वैसी होती है।
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माँ हथनी का बच्चा जब खो जाता है, उसकी जो हालत होती है,
जब किनारे पर आकर नाव डूब जाती है तो दिल की स्थिति वैसी होती है।
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जो ज्यादा लिखता है, वह ज्यादा बोल नहीं सकता।
जो ज्यादा बोलता है, वह अपना नाम के अलावा कुछ लिख नहीं सकता।
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अगर लिखना है तो सिर्फ अपना नाम लिखो।
दूसरे का नाम लिखकर अपना समय बर्बाद मत करो।
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गलतियां होगीं अगर आप करेंगें काम।
जो गलतियां नहीं करता, वह चलना शुरू नहीं किया, वह नाकाम।
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मिथ्या से भी भयंकर अप्रिय सत्य।
मिथ्या की सज़ा जेल, लेकिन अप्रिय सत्य की सज़ा फांसी, यह चरम सत्य।
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सिर्फ बेवकूफ लोग ही अहंकारी होते हैं।
सबको अगर नीचे रखना है तो खुद को ही नीचे जाना पड़ता है।
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