Shayari Page 38 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 38

सबसे शक्तिशाली है बात- बात आपको बचा सकती है, मार भी सकती है।
सबसे शक्तिहीन है जीवन- जीवन आज जिन्दा है, कल नहीं भी रह सकता है।
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कम सोचो, ज्यादा सोचोगे तो कभी आगे बढ़ नहीं पाओगे।
ज्यादा सोचो, कम सोचोगे तो हमेशा पीछे पड़े रहोगे।
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ज्यादा बाते परिवार में अराजकता ला सकती है।
कम बाते परिवार में शांति ला सकती है।
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ज्यादा बात करोगे तो मरोगे, अगर जीवित रहना है तो कम बात करो।
ज्यादा बात सुनोगे तो ज़रूर मरोगे, अगर जीना है तो कम बात सुना करो।
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सिर्फ अपने आप के लिए सोचें, दूसरे के बारे में कभी नहीं।
सिर्फ वह दूसरे के बारे में सोचता है, जो खुद की भलाई के बिना कुछ मांगता नहीं।
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जहाँ मान मिलता है, रहना वहां।
जहाँ मान नहीं मिलता, मरना वहां।
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जो हम सोचते हैं, वह कभी नहीं होता।
इसलिए सोचना बंद करो, लेकिन सिर्फ इंसान ही सोचता।
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सोचना बंद मतलब मृत।
जब तक जिन्दा हूं, सोचूंगा, नहीं हुआ तो क्या, वह अमृत।
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