लिखने में जितना मज़ा, वह और किसी में नहीं।
सिर्फ सही तरीके से पाठ लेना चाहिए, पहले सीखो तो सही।
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मैं लिख सकता हूँ, मुझे कोई दोस्त की ज़रूरत नहीं।
जिसे सोचना नहीं आता, वह दोस्त की बातें सुनता, इसलिए खुद को पहचानता नहीं।
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कल क्या होगा मुझे नहीं मालूम, कल मैं मर भी सकता हूं।
मेरा दिमाग कहता है, सोचो मत; मेरा दिल कहता है, मैं आजाद हूं।
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जब तक जिन्दा हूं मैं, सोचूंगा और लिखूंगा।
कल मैं मर भी सकता हूं, लेकिन आज मैं नहीं रुकूँगा।
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मैं क्या बनूंगा, मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे यह बिलकुल पता है कि मैं क्या बन रहा हूं।
अपना काम अपनी किस्मत, लेकिन अपनी किस्मत कैसे काम करती है, वह मैं अब तक नहीं जानता हूं।
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इंसान क्या बनना चाहता है और बनता है क्या, उसे भी नहीं पता।
कुछ भी बनो, लेकिन अपनी इनसानियत को मत खोना, समाज यही कहता।
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मेरा जीवन मेरे हाथों में नहीं है, है उसके हाथों में।
वह कौन है, जिसे मैं कभी देख नहीं पाता, लेकिन महसूस कर सकता हूँ मेरे अंदर में।
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भविष्य में क्या हो सकता है, अतीत कभी नहीं बता सकता।
वर्तमान एक सामान्य विचार दे सकता है, लेकिन बाद में वर्तमान उसे बदल देता।
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