मैं ने खाना नहीं खाया, मुझे भूख नहीं है इसलिए नहीं।
सम्मान भूख से भी ज्यादा दर्द देता है- भूख मर जाती, लेकिन सम्मान कभी मरता नहीं।
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जो लोग अपने सम्मान से ज्यादा अपनी भूख को अग्रता देते हैं, वे गुनहगार हैं।
जो लोग अपने सम्मान को अपने सिर पर रखते हैं और अपनी भूख को अपने चरणों पर, वे समझदार हैं।
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जब मन नहीं कर रहा है, क्या लिखूं, क्या है लिखने की भाषा।
जब मन नहीं है, कलम क्या लिखती है, वह निराशा।
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जो वंचित है, केवल वही लड़ता है; जो लड़ता है, केवल वही जीत सकता।
जो वंचित नहीं है, वह आज की मासूम कली, कल गिर जाएगी, सबको पता।
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बुरा काम करके फंसने में कोई दिक्कत नहीं।
अफसोस की बात यह है, बुरा काम करनेवाला हमेशा फंसता नहीं।
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बुरा काम करके फंसने में कोई दिक्कत नहीं।
अच्छा काम करके जो फंसता है, दिक्कत उसको आती है सही।
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वह फंसा नहीं, उसको फंसाया गया है।
जो गुनहगार ने उसको फंसाया है, वह प्रभावशाली, बताया गया है।
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जो खुद को विश्वास करके अंतिम समय तक सही वक्त का इंतजार में रहता है,
सिर्फ वही जीवन में जीत हासिल कर सकता है और जो इंतजार नहीं कर सकता, वह मरता है।
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