Shayari Page 49 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 49

खुद को आविष्कार करो, पूरी ज़िंदगी बीत जाएगी।
अगर दूसरों को आविष्कार करने में लगे रहोगे, तो ज़िंदगी रुक जाएगी।
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खुद के अंदर एक दुनिया होती है।
बाहर की दुनिया से वह छोटी नहीं होती है।
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खुद को प्यार करो, प्यार करोगे तो आगे बढ़ोगे।
लेकिन ज्यादा प्यार मत करो, ज्यादा प्यार तुम्हें सबसे अलग कर देगा, तुम पीछे पड़े रहोगे।
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अगर कोई मुझे बुरा बोलता था तो मुझे ख़राब लगता था, मैं छोटा था जब।
अगर कोई मुझे बुरा बोलता है तो मुझे अच्छा लगता है, मैं बड़ा हूँ अब।
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अगर कोई मुझे अच्छा बोलता था तो मुझे अच्छा लगता था, मैं छोटा था जब।
अगर कोई मुझे अच्छा बोलता है तो मुझे संदेह होता है, मैं बड़ा हूँ अब।
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मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा है।
मतलब समय के साथ जीवन चल नहीं पा रहा है।
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मुझे सब कुछ अच्छा लग रहा है।
मतलब समय के साथ विचार चल रहा है।
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