Shayari Page 6 Poem by Sankhajit Bhattacharjee

Shayari Page 6

नियति समय का ही एक रूप।
वक्त का सही इस्तेमाल करो- उसका इंतज़ार में रहते है सिर्फ बेवकूफ़।
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बाहर से दिखने में कुछ पता नहीं चलता।
पानी के अंदर में धारा का प्रवाह बहता।
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वोट देते हैं लोगों, लेकिन विजेता नेता।
नेता बनता है महान, सिर्फ आम ही रहे जाती है जनता।
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कवि बुद्धिजीवी और बुद्धिमान दोनों ही होता ।
बहुत सारे बुद्धिजीवी बुद्धिमान नहीं हैं और बहुत बुद्धिमान भी बुद्धिजीवी हों नहीं पाता।
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कोविशिल्ड और को वैक्सीन में सिर्फ नाम में अंतर।
सभी इंसान एक हैं, अलग है व्यवहार।
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बारिश हो रही है, होने दो।
इंसान दुखी है, रोने दो।
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जिंदगी का मतलब हर वक्त पर दर्द को सम्भालना।
दवा और मलहम नियति के हाथों का खिलौना।
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दिल की बात रखो दिल में।
दूसरा कोई जानकर मज़ा लेगा और दिल जलेगा आग में।
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