' थोड़ा इंसानी जज्बा जो दे दिया है ' thoda insaani Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

' थोड़ा इंसानी जज्बा जो दे दिया है ' thoda insaani

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' थोड़ा इंसानी जज्बा जो दे दिया है '

इंसान है फ़िक्र तो होनी ही चाहिए
खाने को दो वक्त की रोटी भी मिलनी चाहिए
रहा इंसानी नाता तो, महोब्बत भी होनी चाहिए
बगल में है पडोसी तो बातचीत भी होनी चाहिए।

में सुनता हूँ कभी कभी' प्यार में मर जाना मुझे मंजूर है '
झूकना मैंने सिखा नहीं 'पर वो हमारे जी हज़ूर है '
पता नहीं कितने पापड़ और बेलने पड़ेंगे
उनकी महोब्बत में हमें तारे जरुर नजर आने लगेंगे।

मैंने कहा 'चाँद तारे तोड़ ले आउंगा '
हो सका तो खून की नदियां बहा दूंगा
पर प्यार हांसिल करके ही रहूंगा
भले ही दो पैसे कमाने की हैसियत नहीं रखता हूँगा।

वो हंस दिए इस कदर की हमारी पेरो तले की जमीन ही खिसक गयी
चेहरा हमारा पिला पड गया और सिसक आते आते ही रेह गयी
वो मुस्कुरा रहे थे हमारी इस नादानियाँ पर
हम कहे जा रहे थे आस्मानियां सच पर सब हवा पर

मियाँ सुनो भी 'चाँद तारे तो दीखते है ही नहीं''
कैसे बहाओगे खून 'इंसानी जिस्म में ख़ून तो है ही नहीं'
महंगाई आसमान छू रही है और नौकरियां है नहीं
आप हाथ हवा में लहरा रहे है ओर नीचे जमीन तो है ही नहीं!

हमें लगा हम कुछ ज्यादा ही बोल गए है
सरहद पार करकर कहीं और चले गए गए है
'हमें शेखचल्ली करार ना दे दे ' यह सोच कर पाँव सुन्न हो गए
'जितनी जोर से उपऱ को हुए थे' जल्दी से रुख नीचे कर गए

'पता है, पता है, आप दिल के साफ़ है ' वो बोल उठे
'पर बातों से दिल भरता नहीं' और लोग रहेंगे रूठे रूठे
कुछ तो करो मियाँ जिसे साप भी ना मरे और लाठी भी ना टूटे
हमने भी ठाना और सोच लिया 'ये साथ कभी ना छूटे'

वो दिल के करीब थी और हसीन भी
हमें पसंद थी और मनभावन भी
खुदा ने थोडा हमें दिलफेंक जरुर बना दिया है
पर क्या करे मजबूर है 'थोडा भगवान ने थोड़ा इंसानी जज्बा जो दे दिया है '

COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 20 February 2014

Golden suryapur= SURAT likes this. Hasmukh Mehta Hasmukh Mehta welcome Like · Reply · a few seconds ago

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Mehta Hasmukh Amathalal 20 February 2014

welcome Mayank Rajput likes this. a few seconds ago · Unlike · 1

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Mehta Hasmukh Amathalal 20 February 2014

2 people like this. Hasmukh Mehta welcome chetn dholkiyaa and nitin prajapati a few seconds ago · Unlike · 1

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Mehta Hasmukh Amathalal 20 February 2014

Alpa Suba likes this. Alpa Suba Kamaal..! 22 minutes ago · Unlike · 1

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Mehta Hasmukh Amathalal 03 December 2019

Faith Mwirumubi It is so touching story 1 Delete or hide this Like · Reply · 9h

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Mehta Hasmukh Amathalal 05 October 2019

welcome Kamø Gelø

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Mehta Hasmukh Amathalal 22 August 2019

Amy Ernst 19 mutual friends Add Friend

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Mehta Hasmukh Amathalal 22 August 2019

Ramchandra Shewale 5 mutual friends Add Friend

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Mahesh Soni 20 September 2018

Some Grammetical error r in Poem

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suggest n pin point. welcome

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Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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