ऊँची उड़ान Unchi Udan (Hindi) Poem by S.D. TIWARI

ऊँची उड़ान Unchi Udan (Hindi)

ऊँचे ही ऊँचे उड़ते जा रहे हो
नीचे हवा तो जरूर होगी
कहीं कोई पिन भी लग जाये तो
सारी ऊंचाई कफूर होगी
अगर ज्यादा ऊंचाई से गिरे तो
हड्डी भी चकनाचूर होगी

- एस. डी. तिवारी

Sunday, March 2, 2014
Topic(s) of this poem: hindi
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