Pushp Sirohi Poems

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1.
नज़रों की शरारत

तुम्हें पता है,
नज़रों की शरारत
कोई खेल नहीं होती—
ये तो
...

2.
Noise Pollution

Amidst the honking cars and blaring horns,
A symphony of chaos, each day reborn,
The sounds of the city, a never-ending din,
A discordant melody that grates within.
...

3.
Inner Peace

4.
सच्चे मनों का मिलन

मुझे मत रोको उस पवित्र मिलन से
जहाँ दो मन सच के साथ बँधते हैं—
वहाँ प्रेम कोई सौदा नहीं होता,
वहाँ दिल ईमानदारी से धड़कते हैं।
...

5.
मैं तुम्हें चाहूँ

मैं तुम्हें चाहता हूँ—
इस तरह जैसे प्यास
पहली बारिश की खुशबू चाहती है।
...

आओ…
मेरी देहरी पर कदम रखो धीरे से,
जैसे सावन की पहली बूंद
मिट्टी को छू ले—
...

7.
तुम्हारे बाद मेरी सुबह

प्रिये—
तुमसे मिलने से पहले
मैं जी तो रहा था,
पर जैसे…
...

आओ…
और इस दुनिया की थकान
अपने कंधों से उतार दो—
जैसे कोई रात
...

9.
वक़्त की दहलीज़ पर

प्रिये—
अगर हमारे पास
अनंत समय होता,
तो मैं तुम्हें
...

10.
मृत्यु ही मर जाएगी

मृत्यु—
तू अभिमानी मत बन।
तू अपने आपको
बहुत ताक़तवर समझती है,
...

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