Rajnish Rajan

Rajnish Rajan Poems

ग़ज़ब का इश्क है ' मोहब्बत',
ये दिल की कज-अदाई है.......।

नज़ाकत-ए-पुरजोश तेरा मिजाज,
...

बिगड़ी चाल उन रातों की है बात,
फिरकी सिसकियां साये के साथ।
सारी रातें, उड़ती नींदें, आंसू हाथ,
कराहती बातें और बहती सी याद।
...

चैत्र प्रतिपदा की है ये अद्भुत महिमा,
धरती सूरज की करती पूरी परिक्रमा।
चैत्र मास शुक्ल के सूर्योदय से,
करें नव वर्ष की नव संरचना।
...

'मस्तूर! तेरे नूर का इक़बाल है, महफ़ूज़ रहना;
ऐ मेरी ग़ज़ल-चश्म, तू चश्म-ए-बद-दूर रहना।'

'तू साहिर और तेरा अफ़्सूँ, सुन हुस्न-ए-बेपरवाह;
...

जो हाथ में आया अपना है,
छोड़ो उसको जो छूट रहा।
अपना कौन यहाँ है तेरा?
गैरों से भरा ये पिंजड़ा है।
...

Rajnish Rajan Biography

I, Rajnish Rajan, Born from the sacred dust of Birnoudh, Bhagalpur. My upbringing was in the heart of the Angika region has deeply influenced my thinking and my words.)

The Best Poem Of Rajnish Rajan

नाज़-ए-जवानी

ग़ज़ब का इश्क है ' मोहब्बत',
ये दिल की कज-अदाई है.......।

नज़ाकत-ए-पुरजोश तेरा मिजाज,
इश्क में मशरूफ़ तेरी जवानी है।
घायल करती हैं मेरी-तेरी निगाहें,
उल्फ़त-ए-इश्क आज शबाब पर है।

धड़कन की खलिश,
और तेरी घुँघरू की छनक—
शोर मचाती है गलियों में।
चितचोर, फरेबी नज़रें जमी हैं,
तेरी आँखों के उस सुरमे पे।

ख्वाहिश तेरे इश्क की,
मुद्दतों बाद छाई है।
ग़ज़ब का इश्क है मोहब्बत,
ये दिल की कज-अदाई है।

धधकती उम्र से भड़का,
जवानी, तरन्नुम का चर्खा;
तबस्सुम आँखों से करना,
तकल्लुफ़ होठों से होता है।

फूलों की वेणी जुल्फों पर,
बिंदी का शगुन तेरे माथे पर।
सजाऊँ हाथ से अपने,
मुकद्दर की ख्वाहिश करता हूँ।

ख्वाबिदा इश्क की,
क़ुर्बत-ए-क़ल्ब की रवानी।
मनमोहक तेरी जवानी,
नायाब तेरी निगाहें।

उफ़! मेरी-तेरी ये कहानी,
ग़ज़ब का शोर है गलियों में—
नाज़-ए-जवानी।

उफ़! तेरा ये तपिश-ए-बदन,
होठों का बेपरवाह संगम।
मचलती तेरी खूबसूरत जवानी,
और अंगीठी लेती तेरी निगाहें।

उफ़! तेरा ये खूबसूरत बदन,
और मेरी वजह...
छटकती तेरी ये रवानी,
नाज़-ए-जवानी।

© रजनीश राजन ✍️

Rajnish Rajan Comments

Rajnish Rajan Quotes

ग़ज़ब का इश्क है ' मोहब्बत', ये दिल की कज-अदाई है.......।

I left my wish to turn into dust. wish to live only if you are there. © Rajnish Rajan

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