Sanjay Singh Saharan Poems

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1.
दोस्त अब थकने लगे हे
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दोस्त अब थकने लगे हे
साथ साथ जो खेले थे बचपन में
वो सब दोस्त अब थकने लगे है
किसी का पेट निकल आया है
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2.
Friends Are Tired Now
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Friends are tired now
Together who had played in childhood
All those friends are now tired
Someone's stomach has come out
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परमेश्वर जानता था कि हर किसी को
इसकी आवश्यकता है साथी और उत्साह,
वह जानता था कि लोगों को किसी की ज़रूरत है,
जिनके विचार सदैव निकट रहते हैं।
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4.
Why God Gave Us Friends
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GOD Knew That Everyone Needs
Companion And Cheer,
He Knew That People Need Someone,
Whose Thoughts Are Always Near.
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5.
तू खुद की खोज में निकल
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🍃तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
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6.
'तुजे जीना सीखा रही थी'
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मैंने कल एक झलक जिंदगी को देखा,
वो मेरी राह में गुनगुना रही थी...
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