Swati Sharma Poems

Hit Title Date Added

माना कि हम पूरे नहीं, पर उतने भी अधूरे नहीं।
माना कि शरीर की बनावट में हमारे, थोड़ी सी कमी है
शायद चलने में थोड़ी सी रफ़्तार भी थमी है,
पर ग़ौर से देखो हमारे हौसले की उड़ान को,
...

2.
काश मेरा भी...

आज जब मैं
इन छोटे-छोटे बच्चों को
साथ जुड़े में बैठे देखती हूँ…
साल-दर-साल
...

Close
Error Success