Anil Kr Sinha Poems

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1.
नियति

जलने लगेगी कुछ ही पलो में
चिता पर रखी लाश
साथ ही
जलना होगा उस जूँ को भी
...

2.

कुदरत काओ कहर मैने देखा था
जीने के लिए लेते जहर मैने देखा था
दुनिया में रोज लाखों जीते मरते होंगे,
पर मौत की ओ बहती लहर मैंने दंखा था
...

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