गिनते है अपने को सरताज
इतनी सी छोटी दुनिया में
कोई तो हमारा होगा
जिसको हम अपना कह सके
और सब के सामने 'वाहवाह' तो कह सके।
वो होगा शहजादा खुद की दुनिया का
मे भी होउंगी सदाबहार चमनीया की
महक तो फैलेगी हमारे आने से
बस धूम मच जाएगी उनके पास जाने से।
केहतेे है इश्क़ का कोई मजहब नहीं
ये सबक तो सहज है सब के लिए सही
फिर क्यों गवाए हम जिंदगी उलझनों में?
महल बनाये और मस्त रहे सपनो में।
मुझे नहीं लड़ना किसी के संग अपने बारे में
मई खुद ही ढूँढ लुंगी किनारा किश्ती के सहारे से
बस कुछ समय की और देरी है
आगे फिर अपनी जिंदगी पूरी है।
मुझे ये नहीं मालूम की मेंरे भाग्य में क्या है?
मैंने रास्ता सही चुना या गलत है
फिर भी मेरा अंदाज़ा बिलकुल सही है
हम सब तो एक ही पंथ के राही है।
मुझे सब से एक ही बीनती है
वो बिलकुल हक़ से भी बनती है
हम बच्चे यदि गलती कर्भी कर भी जाए
समय के साथ हमें भी कहने का मौका जरुर दीजिए।
ये अच्छा होगा यदि हम भी उनको सराहे
क्यों की हम सब खड़े है चौराहे
न गति का ख्याल है ना दिशा का अंदाज़
पर हम मुस्ताक है और गिनते है अपने को सरताज
welcome sheikh shakil Unlike · Reply · 1 · 1 min Hasmukh Mehta
welcome આકાશ હમસૅહૅ આકાલ Unlike · Reply · 1 · Just now
Patricia E. Wedel Love will find a Way... Unlike · Reply · 1 · 2 mins
Rajendra Sharma Comments welcome Unlike · Reply · 1 · Just now
welcome welcome khuman jaideep Unlike · Reply · 1 · Just now
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welcome malek saban Unlike · Reply · 1 · Just now