Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

जो निश्छल और चरित्रवान है - Poem by Shashikant Nishant Sharma

सब बल से बलवान हैं
वही आदमी महान हैं
जो निश्छल और चरित्रवान है
योग्यता से पद मिल सकता है
पर इसे चरित्र ही कायम रख सकता है
यदि मनुष्य है तलवार
तो चरित्र है उसका धार
यदि चरित्र हो जाये भ्रष्ट्र
तो आदमी हो या राष्ट्र
नहीं है उसका इष्ट
हो जायेगा वो नष्ट
रखो सम्भाल अपना चरित्र
बनाओ धरा को पावन-पवित्र
शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल'


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Poem Submitted: Tuesday, January 29, 2013



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