मधुमालती
चित्त घोलती
बड़ा महकती
खूब बहकती
झूला झूलती
हवा मे झूमती
धरती पर झुकी
मन तक रुकी
आँगन सजाती
मुस्कान जगाती
लट बिखराती
बाँहे फैलाती
फूलों से लदी
मधुमालती
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अहा, फूलों से लदी मधुमालती इंतजार उसका करती मधु मालती मिलने को बेक़रार बेहतरीन रचना 100+