कहानी इश्क़ Poem by C. P. Sharma

कहानी इश्क़

इश्क़
कोई आसां नहीं
आशिक़ करते हैं
अपनी जां पे खेल के
सोहनी महिवाल ने किया था इश्क़
दे दी जां पानी में डूब के।

हर इश्क़ का अपना ही अंदाज़ है
हरेक की है महक अलग
क्या गुजरती है दिलों पे
हरेक को एहसास
मुश्किल है।

इश्क़ की कहानी भी
वही लिख सके
जो गुजरा हो
महबूब की
गली से।

कहानी इश्क़
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C. P. Sharma

C. P. Sharma

Bissau, Rajasthan
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