पिटता, सिसकता, भागता कौन? Poem by Dr. Yogesh Sharma

पिटता, सिसकता, भागता कौन?

काशमीर से पिट कर भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
पाकिस्तान से पिट कर भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
बंगलादेश से पिट कर भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
अफगानिस्तान से पिट कर भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

मल्लापुरम से भागाकौन? हम हैं हिंदु ।
कैराना से भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
मालदा से भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
सिवान से भागा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

आतंकवाद ने मारा कौन? हम हैं हिंदु ।
नक्सलवादियॉ ने मारा कौन? हम हैं हिंदु ।
जिहादियॉ ने मारा कौन? हम हैं हिंदु ।
खालिस्तानियॉ ने मारा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

सेकुलर वाद से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
कानून से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
लालाच से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
बेचकर वोट पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

मेंकाले शिक्षा से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
दंगों में लुटा कौन? हम हैं हिंदु ।
मुफ्तखोरॉ से लुटा कौन? हम हैं हिंदु ।
मिशनरियों ने खरीदा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

जुल्म-अन्नाय से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
वाम-पंथियॉ से पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
स्वार्थ में डूबा-पिटा कौन? हम हैं हिंदु ।
डर के मारे मरा कौन? हम हैं हिंदु ।
पिटता, सिसकता, भागता कौन? हम हैं हिंदु ।

पिटता, सिसकता, भागता कौन?
Saturday, January 11, 2020
Topic(s) of this poem: racism
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