कुदरत के संगरहो
कुदरतके विचित्ररंग
जीवनमेभरेंऊमंग
मोर पंखकृष्ण संग
भष्मीभूतशिव अंग
हर पल नव जल तरंग
झंकृतचेतन अनंत
जीवनशैलीकेढंग
मानवमनकटीपतंग
प्रकृतीसेनातातोडा
बनप्रकृति काभगौडा
दुख्खोंसे नाताजोडा
फिरे मृग-तृष्णा मे दौडा
स्वै-इच्छा मे भरमाया
स्वै-विवेकखो बैठा
अपनीहीएैठन मे
खुदाईसेहाथधोबैठा
कुदरत मे आहार
कुदरतमे व्यवहार
कुदरतमे स्वास्थ
कुदरतमे उपचार
योगसाधनाकरो
प्रकृतीसे प्यारकरो
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