हिंद हुंकार Poem by C. P. Sharma

हिंद हुंकार

हिंद हुंकार

जब भारत भरे हुंकार,
तो कभी हार नहीं होती।
हमारे संयम मय संस्कार,
हमारी हार नहीं होती।

हिंद का योग संयोग,
हिंद कि हार नहीं होती।
हमारी संस्कृति मे सब उपचार,
हिंद कि हार नहीं होती।

हमारा सबल आत्म विश्वास,
हम विश्व विजेता होंगे।
कोरोना कि होगी हार,
हम स्वास्थ्य प्रेरक होंगे।

हिंद हुंकार
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C. P. Sharma

C. P. Sharma

Bissau, Rajasthan
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