Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

वही बिहार है.... - Poem by Shashikant Nishant Sharma

जहाँ आत्याचार है, भास्ताचार है
८० प्रतिसत लोग बेरोजगार है
वही बिहार है....
जो आनारी है
नेता-मंत्री का पुजारी है
देश का बीमारी है
वही बिहारी है....
हमने आपना आपने बिहार की बनाई है ऐसी छवि
'साहिल' जैसा जाहिल भी बन जाता है कवि
जहाँ प्रशासन लगाकर बैठते है आशन
मंत्री देते है फ़ोकट के भाषण
बिहार में बहार का नया है फैशन
जिनके घर में नहीं है राशन
वही सुनते हिया खोखले भाषण
महारास्त्र से भागे शिवसेना ने
हमने कहा हमको क्या लेना है
असम ने हल्ला किया
असम में बेरोजगारी है
बेरोजगारी का कारण बिहारी है
हटाओ नहीं बेरोजगारी को
पर जरुर भागो बिहारी को
नागालैंड का भी बदला दिमाग
एक बंगलादेशी द्वरा किये बलात्कार का
बदला चुकाएगा बिहारी, बिहार का
नागा स्टुडेंट फेदेरेसन कहती है मर्जी हमारी
भागो बिहार में बिहारी
कल कहेगा भारतीय भागो बिहारी
तेरे कारण हम है पिछारी
और कहेगा भारत भाग बिहार
तेरे कारण है अरबों डॉलर उधार
वह रे बिहार, बिहार के सर्कार
सुनअ लालू-रबरी जनता के पुकार
तानी करअ अब विचार
शासन प्रशासन में सुधर
अर्जी बा हमर
मर्जी बा राउर


{This was poem got published in Hindi daily ‘Prabhat Khabar' on 21 November 2004 written after a repeated incidences of injustices with Bihari in different parts of the country.}

Shashikant Nishant Sharma 'साहिल'

======©SNS==21 November 2004==@New Delhi=====


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Poem Submitted: Friday, May 25, 2012



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