Shashikant Nishant Sharma

Rookie - 133 Points (03 September,1988 / Sonepur, Saran, Bihar, India)

आज है गाँधी जयंती - Poem by Shashikant Nishant Sharma

आज है गाँधी जयंती
सुनो 'साहिल' की विनती
कर लो थोरा याद
उस महापुरुष को
जो छेड़ा था अंतर्नाद
हमें जगाने को
करवा ने को आजाद
वर्षों की दस्ता को
पार्थिव विलाशिता को
हम थे समर सुर
हम थे शमशेर
पर पर गए थे अधेर
उम्र से पहले ही होकर जर्जर
घुस आया था सियार
शेर की मांद में
कर लो थोरा याद
उस महात्मा को
जिसने जगाया हमारी आत्मा को
भरा मन में उन्मांद
याद दिलाया हम ही है शेर
हमारे मांद में आ बैठा है सियार
हमें होना होगा होशियार
बहुत हो गया देर
कब तक शियर शासन करेगा शेर पर
उठों आज करो वार
जिसने कहा था हमें बार-बार
सन १९४२ में
उसे कर लो थोरा याद
आज वर्षों बाद


{This was poem written to celebrate the birthday of Mahatma Gandhi on 2nd October 2003.}

Shashikant Nishant Sharma 'साहिल'

======©SNS==2 October 2003==@New Delhi=====


Comments about आज है गाँधी जयंती by Shashikant Nishant Sharma

  • (5/26/2012 4:21:00 AM)


    Today is not the 2nd October, but still the poem is nice...good work... (Report) Reply

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Poem Submitted: Friday, May 25, 2012



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