अच्छी तमन्ना
रविवार, ७अप्रैल २०१९
किसने खोया किसने पाया
जब ना मिला तो दिल से रोया
प्रभु आपने दिया और वापस ले लिया
जो नहीं था हमारा, हमारे हाथ से चला गया।
ये है हमारी विचित्र मनोदशा
जगी रेहती है मन में आशा
जब काम नहीं होता तो मिलती निराशा
लोग मूकप्रेक्षक बनके देखते तमाशा
रहे दिल हमारा सदा निर्मल
खिलता रहे मन में कमल
गुलाब की तरह महेकता रहे
मानवजीवन सदा चमकता रहे।
यहां ही पाना और यहां ही गंवाना
ना साथ ले जाना सामान अपना
सभी को यहाँपर छोड़ जाना
रखो दिल में सदा अच्छी तमन्ना।
हसमुख मेहता
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यहां ही पाना और यहां ही गंवाना ना साथ ले जाना सामान अपना सभी को यहाँपर छोड़ जाना रखो दिल में सदा अच्छी तमन्ना। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal