हक़ देता है, तुम्हें इलेक्शन Poem by Anjum Alinagari

हक़ देता है, तुम्हें इलेक्शन

हक़ देता है, तुम्हें इलेक्शन।
डालो वोट, करो सलेक्शन।

पार्टी वाटी पे मत जाओ।
वतन की ख़ातिर बटन दबाओ।
नफ़रत बांटने वालों को तुम
वोट की चोट से, सबक़ सिखाओ ।

हक़ देता है तुम्हें इलेक्शन।

जो हक़दार को हक़ देता हो ।
जो न किसी की जां लेता हो ।
दुख सुख में जो काम हो आता।
जो वादा कर, उसे निभाता।
जिस की ज़ुबां से, दिल न दुखा हो।
जो बेहतर हो, पढ़ा लिखा हो ।
जो मुद्दों की बात हो करता।
हक़ की ख़ातिर जो हो लड़ता।
सेवाभाव से जो आया हो ।
जिसने लूट के न खाया हो ।

ऐसे वीर का करो सलेक्शन।
हक़ देता है तुम्हें इलेक्शन।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

Thursday, July 2, 2026
Topic(s) of this poem: nazm,election,indian,urdu,hindi
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इस नज़्म में इलेक्शन में वोट की अहमियत को बताया गया है
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Anjum Alinagari

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Alinagar, Darbhanga
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