हक़ देता है, तुम्हें इलेक्शन।
डालो वोट, करो सलेक्शन।
पार्टी वाटी पे मत जाओ।
वतन की ख़ातिर बटन दबाओ।
नफ़रत बांटने वालों को तुम
वोट की चोट से, सबक़ सिखाओ ।
हक़ देता है तुम्हें इलेक्शन।
जो हक़दार को हक़ देता हो ।
जो न किसी की जां लेता हो ।
दुख सुख में जो काम हो आता।
जो वादा कर, उसे निभाता।
जिस की ज़ुबां से, दिल न दुखा हो।
जो बेहतर हो, पढ़ा लिखा हो ।
जो मुद्दों की बात हो करता।
हक़ की ख़ातिर जो हो लड़ता।
सेवाभाव से जो आया हो ।
जिसने लूट के न खाया हो ।
ऐसे वीर का करो सलेक्शन।
हक़ देता है तुम्हें इलेक्शन।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार
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