बहुत है ज़रूरी, ये पौधा लगाना। Poem by Anjum Alinagari

बहुत है ज़रूरी, ये पौधा लगाना।

सुनो कह रहा हूॅ , सुने ये ज़माना।
बहुत है जरूरी , ये पौधा लगाना।

हरी पत्तियों से हवा साफ़ होगी।
लगाओगे तुम पौधा, सज़ा माफ़ होगी।

जो फल फूल देखोगे, अपनी नज़र से।
तो जानोगे क्या फ़ायदा है शजर से।

हक़ीक़त अगर हो तो सबसे बताना।
बहुत है ज़रूरी , ये पौधा लगाना।

न काटो इसे ये हरा फेफड़ा है।
जो कटता रहा पेड़, तो ख़तरा बड़ा है।

ये गर्मी की शिद्दत, ये बारिश की दूरी।
ख़बर दे रहा है, है पौधा ज़रूरी।

लगा कर के एक पेड़, वादा निभाना।।।
बहुत है ज़रूरी , ये पौधा लगाना।
© अंजुम अलीनगरी दरभंगा बिहार

Thursday, July 9, 2026
Topic(s) of this poem: indian,plants,environment,affinity and love,youth,global,pollution,nazm,urdu,hindi,wake up,reveloution
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
पौधा कितना ज़रूरी है, इसे आसान अंदाज़ में बताया गया है
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Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
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