अविस्मरणीय याद
रहीए सदा शांत औरमृदु
कभी ना बोले वचन कटु
अपनी भलाई को लोग ना समझ बैठे निर्बलता
और समझे क्यों है मृदुता और कोमलता।
एक सन्देश जाना चाहिए
ओर सबको अपना ही बनाना चाहिए
प्रेम एक कठोरतम तपस्या है
सभी के साथ इसकी ही समस्या है।
समाज को हम बदल नहीं सकते
इसलिए अपना मन संकल्प ही श्रेश्ठतम समझते
ना किसी के साथ बेर और ना ही अनबन
फिर कैसे होगा मन का हनन?
समय आने पर अपना प्रदर्शन करे
श्रेष्ठ बातों का अध्यन करे
लोगों को बताए की आप क्या सोचते है
और क्यों ऐसी सोच रखते है।
अपने मन का समाधान ही उच्च योग है
किसी पे जलते रहना एक जीवलैवा रोग है
कई सल्तनते इसमें दफ़न हो गई
किसी को कफ़न का समय भी नहीं दे गई।
हम समजदार प्राणी है
सुखमय जीवन के अभिलाषी है।
पुरे विश्व काकल्याण हो ऐसी भावना भी हमारे में है
पर हमारे हक़ में कुछ भी तो नहीं है।
हमारा कारवाँ चलता ऐसे ही चलता रहेगा
कइयों के निशाँ भी मिट जाएंगे
हम पीछे क्या छोड़ जाएंगे?
एक अविस्मरणीय याद जिसको आप याद रखेंगे।
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welcome...............Taru Solanki Atisunder · Reply · 1 · Just now
Taru Solanki Atisunder Like · Reply · 1 · 34 mins
welcome jaideep sinh rathore Like · Reply · 1 · Just now
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