बदल दिया
रविवार, ५ जनवरी २०२०
ना कुछ कहो
बस सुनते रहो
कुछ अपनी भी बनाओ
सब को ये बात सुनाओ।
परेशान ना हो
बस तसल्ली हो
ये तो चली जाएगी
बाद में ख़ुशी छोड़ जाएगी।
ना रखो गम
बस कर लो काम तमाम
अपनी सोच पर रखो लगाम
घूमते रहो, देते रहो पैगाम।
वक्त के साथ चलो
अपने को बदलते रहो
यदि प्ररिस्थितयां अनुकूल नहीं
तो मन में कोई परवाह नहीं।
जब हवा का रुख बदले
तो सवार हो चले
अपनी मंझिल को सवारले
और रहे खुश और मतवाले।
जो हार गया वो मर गया
जो भूल गया वो जित गया
जिसने कदम से कदम मिला दिया
उसने मानो हवा का रुख बदल दिया
हसमुख मेहता
साभार: एस. आर।चन्द्रसलेखा
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वक्त के साथ चलो जो हार गया वो मर गया जो भूल गया वो जित गया जिसने कदम से कदम मिला दिया उसने मानो हवा का रुख बदल दिया हसमुख मेहता साभार: एस. आर. चन्द्रश्लेखा
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Ashok Kumar A great message for all to become the winner in this beautiful world 1